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पशुपालक साथी क्रेडिट गारंटी योजना का लाभ उठाएं

पशुपालन के व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन और डेयरी विभाग के द्वारा शुरू की गई क्रेडिट गारंटी योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है
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पशुपालन एवं डेयरी विभाग की क्रेडिट गारंटी योजना
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की क्रेडिट गारंटी योजना से साहिवाल गायों के डेयरी फार्म और तेजी से विकसित होंगे
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पशुपालन के क्षेत्र में उधमिता एवं रोजगार को बढावा देने के लिए ए एच आई डी एफ के माध्यम से क्रेडिट गारंटी योजना शुरू की गई है

पशुपालन अवसंरचना विकास फंड

पशुपालन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने 15000 करोड रुपए के पशुपालन अवसंरचना विकास फंड ( AHIDF) की स्थापना की गई थी. इस अभियान के अंतर्गत पशुपालन के क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए ऋण सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के द्वारा अपने पर भारत अभियान प्रोत्साहन पैकेज के माध्यम से उधमाशीलता को बढ़ावा दिया गया है. इस योजना में व्यक्तिगत उद्योगों, निजी कंपनियां, एमएसएमई, कृषि उत्पादक संगठनों ( FPO) और धारा 8 के अधीन आने वाली कंपनियां द्वारा निम्नलिखित की स्थापना में निवेश को प्रोत्साहित करने की स्वीकृति दी गई है –

  1. डेरी प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन इंफ्रास्ट्रक्चर
  2. मास प्रसंस्करण करण एवं वैल्यू एडिशन
  3. पशु आहार संयंत्र
  4. नस्ल सुधार प्रौद्योगिकी एवं नल वृद्धि फॉर्म
  5. पशु अपशिष्ट से धन प्रबंधन ( कृषि अपशिष्ट प्रबंधन)
  6. पशु टीका एवं औषधि विनिर्माण सुविधा की स्थापना

पशुपालकों के लिए शुरू हुई ऋण गारंटी योजना, विस्तार से जाने

पशुपालन के क्षेत्र में रोजगार, उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा पशुपालन ऋण गारंटी योजना की शुरुआत की गई है। पशुपालन और डेयरी विभाग ने ऋण वितरण प्रणाली को मजबूत करने और सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए पशुपालन अवसंरचना विकास फंड ए एच आई डी एफ क्रेडिट गारंटी योजना एमएसएमई को पशुपालन के क्षेत्र में लागू किया गया है।

1 25% तक दी जाएगी पशुपालन में क्रेडिट गारंटी
2 पशुपालन से जुड़े उद्यमों को मिलेगा इस योजना का लाभ
3 क्रेडिट गारंटी योजना के तहत 7:30 सौ करोड़ पर के फंड की स्थापना की गई है

इस क्रेडिट गारंटी योजना को सही तरीके से चलाने के लिए पशुपालन और डेयरी विभाग ने ₹750 करोड़ के फंड की स्थापना की है. इस फंड के द्वारा ऋण प्रदान करने वाले विभिन्न संस्थानों द्वारा एमएसएमई को दी जाने वाली ऋण सुविधाओं के 25% तक की क्रेडिट गारंटी प्रदान की जाएगी.
इस क्रेडिट गारंटी योजना के द्वारा पशुपालन के क्षेत्र में रोजगार और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित किया जाएगा.
पशुपालन और डेयरी विभाग ने 8 आईडी एप्स स्कीम के अंतर्गत पशुपालन के क्षेत्र में सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों को ऋण गारंटी देने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट की स्थापना के लिए नाबार्ड की पूर्ण स्वामित्व वाली उसकी सहायक कंपनी एनएवी संरक्षण ट्रस्ट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक ट्रस्ट का गठन किया है।
इस क्रेडिट गारंटी फंड के माध्यम से पशुपालन के क्षेत्र में एम एस एम ई इकाइयों की संख्या में बहुत तेजी से वृद्धि होने की संभावना है पशुपालन के क्षेत्र में इस क्रेडिट गारंटी पोर्टल को एक नियम आधारित पोर्टल के रूप में विकसित किया गया है।

गारंटी फंड योजना के अंतर्गत लाभार्थी को मिलने वाले लाभ
आत्मनिर्भर भारत अभियान प्रोत्साहन पैकेज के अंतर्गत लाभार्थियों को ब्याज में छूट के साथ-साथ प्रोजेक्ट की लागत पर भारी ऋण की उपलब्धता करवाई जाती है। यह आईडी ऐप्स की की मुख्य विशेषताओं में लिए गए ऋण पर लाभार्थी को 3% के ब्याज की छूट मिलती है। किसी भी अनुसूचित बैंक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम एनसीडीसी से कुल प्रोजेक्ट लागत के 90% तक के ऋण के बारे में https://Dahd.Nic.In/ एवं https://Ahidf.Udyamimitra.In/ पोर्टल पर जाकर विस्तार से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

यह योजना पूरे देश भर के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से लागू की जा रही है।

योजना के प्रमुख उद्देश्य –

  1. दूध एवं मांस के प्रसंस्करण क्षमता और उत्पादों की विविधता को बढ़ाने में मदद करना. इससे इससे दूध व मांस के क्षेत्र में असंगठित उत्पादकों की, संगठित बाजार की उपलब्धता मैं बढ़ोतरी होना .
  2. मूल उत्पादकों को उनके उत्पाद का अधिक से अधिक दाम मिलने में आसानी होना
  3. देश की बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए उच्च प्रोटीन युक्त एवं अच्छी गुणवत्ता वाले आहार की उपलब्धता के उद्देश्य को पूरा करना.
  4. दूध एवं मांस के प्रसंस्करण से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों में उद्यमिता का विकास करना। साथी ही इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों का सृजन करना.
  5. देश के निर्यात में दूध और मांस के योगदान को बढ़ावा देना. ताकि देश के विकास में पशुपालन सेक्टर अपनी समुचित क्षमता का प्रदर्शन कर सके .
  6. गाय, भैंस, भेड़, बकरी, शूकर, मुर्गी पालन एवं अन्य पशुओं को उच्च गुणवत्तापूर्ण संघनित पशु आहार एवं संतुलित पशु आहार उचित मूल्य पर उपलब्ध करवाना.

इस योजना के व्यापक क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अधिक पूंजी का प्रवाह होने लगेगा. जिससे पशुपालन व्यवसाय से जुड़े लोगों का सामाजिक-आर्थिक स्तर बढ़ेगा और देश तरक्की की नई दिशा में अग्रसर होगा।


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